मैं खुदावन्द ... तेरा शाफी हूँ (२)
तेरा बोझ उठाने वाला हूँ (२)
और खून बहाने वाला हूँ ...
मैं खुदावन्द ... तेरा शाफी हूँ ...
१. कोड़ों की मार है खाई ... काँटों का ताज है पहना (२)
तेरे लिए सूली चढ़ कर (२)
तेरे पाप मिटाने वाला हूँ ...
मैं खुदावन्द ... तेरा शाफी हूँ ...
२. तेरे गुनाहों के बदले ... पैरों में छेदा गया था (२)
मौत का वो प्याला पीकर (२)
तेरी मौत उठाने वाला हूँ ...
मैं खुदावन्द ... तेरा शाफी हूँ ...
३. तेरे गुनाहों का इब्ज़ी ... मैं दर्द का दरबां (२)
मैं तेरी जान का लंगर हूँ (२)
मैं तेरा बचाने वाला हूँ ....
मैं खुदावन्द ... तेरा शाफी हूँ ...
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